दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राज कुमार आनंद के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की प्रक्रिया करीब 23 घंटे बाद शुक्रवार को तड़के पूरी हो गई।
आनंद ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को ”परेशान करने का षड्यंत्र”है।
मंत्री और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत यह छापेमारी की गई। छापेमारी की कार्रवाई बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे शुरू की गई, जो शुक्रवार को तड़के करीब पांच बजे तक जारी रही।
मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी के सिविल लाइंस इलाके में स्थित उनके आवास से ईडी अधिकारियों के जाने के बाद संवाददाताओं से कहा, ”छापेमारी करीब 23 घंटे चली और यह ‘आप’ नेताओं को परेशान करने का षड्यंत्र है। हमें परेशान किया जा रहा है।”
सूत्रों ने बताया था कि आनंद के खिलाफ जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
उन्होंने बताया था कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन के अलावा सात करोड़ रुपये से अधिक की सीमा शुल्क चोरी के लिए आयात की गलत जानकारी देने को लेकर आरोप पत्र दायर किया था। यह जांच इसी आरोप पत्र से जुड़ी है।
उन्होंने बताया कि एक स्थानीय अदालत ने हाल में डीआरआई अभियोजन की शिकायत पर संज्ञान लिया था जिसके बाद ईडी ने आनंद और कुछ अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया।
आनंद (57) अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार में सामाजिक कल्याण और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री हैं। वह पटेल नगर से विधायक हैं।
– एजेंसी
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