सुबह की ठंडी हवा और नमी भरी घास पर नंगे पैर टहलना एक देसी आदत है, जिसे अक्सर सेहत के लिए लाभकारी बताया जाता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर यह भी कहा जाता है कि इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। लेकिन क्या यह सच में काम करता है? आइए जानते हैं सच्चाई और विज्ञान की दृष्टि से क्या होता है।
नंगे पैर घास पर चलने के फायदे
- स्ट्रेस कम करता है
नंगे पैर घास पर चलने से पैरों के नीचे मौजूद नर्व एंडिंग्स सक्रिय होती हैं। यह पैरों, मसल्स और दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ाता है और शरीर को रिलैक्स करता है। - एनर्जी और मूड बढ़ाता है
सुबह की ताजी हवा और ठंडी घास के संपर्क से स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं और एंडोर्फिन बढ़ता है। इससे मूड बेहतर होता है और दिनभर एनर्जी मिलती है। - पैरों और ब्लड सर्कुलेशन के लिए फायदेमंद
नंगे पैर चलने से पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
आंखों की रोशनी पर क्या असर पड़ता है?
सच तो यह है कि कोई भी वैज्ञानिक अध्ययन सीधे यह साबित नहीं करता कि नंगे पैर घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
- आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए विटामिन A, C, E और जिंक की पर्याप्त मात्रा, सही नींद और स्क्रीन टाइम कंट्रोल ज़रूरी है।
- घास पर चलना सिर्फ आंखों के लिए अप्रत्यक्ष फायदा कर सकता है, जैसे कि स्ट्रेस कम करना और एनर्जी बढ़ाना, जो मानसिक रूप से आंखों पर सकारात्मक असर डाल सकता है।
आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए अन्य टिप्स
- हरी पत्तेदार सब्जियां और कैरट खाएं – विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स से आंखें स्वस्थ रहती हैं।
- स्क्रीन ब्रेक लें – लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है।
- सही नींद लें – पर्याप्त नींद आंखों की थकान कम करती है।
- नियमित आंखों की जांच कराएं – समय पर डायग्नोसिस से गंभीर समस्या टाली जा सकती है।
सुबह नंगे पैर घास पर चलना स्ट्रेस कम करने और मूड बेहतर बनाने के लिए फायदेमंद है। लेकिन आंखों की रोशनी बढ़ाने का कोई सीधा प्रभाव वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है। आंखों की सेहत के लिए सही डाइट, नींद और स्क्रीन टाइम कंट्रोल ज़रूरी है।
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