डायबिटीज में मीठा खाना अक्सर टेंशन का कारण बन जाता है। चीनी सीधे ब्लड शुगर बढ़ाती है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को इसका सेवन कम करना चाहिए। लेकिन सवाल यह उठता है कि गुड़ और शहद में से कौन सा मीठा विकल्प सुरक्षित और फायदेमंद है?
गुड़ और शहद में क्या है खास?
- गुड़ (Jaggery)
प्राकृतिक स्वीटनर और आयरन का अच्छा स्रोत
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, ब्लड क्लॉटिंग और इम्यूनिटी में मदद करता है
ग्लूकोज लेवल धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन डायबिटीज में सेवन सीमित होना चाहिए
कैसे लें:
दिन में 5–10 ग्राम गुड़ खाना सुरक्षित है
पानी या हल्का दूध में घोलकर भी सेवन कर सकते हैं
- शहद (Honey)
प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण से भरपूर
ब्लड शुगर को थोड़ी तेजी से बढ़ाता है, इसलिए मात्रा नियंत्रित करनी जरूरी है
इंसुलिन सेंसिटिविटी को कुछ हद तक सुधारने में मदद करता है
कैसे लें:
दिन में 1–2 चम्मच शहद पर्याप्त है
सीधे चम्मच से या गुनगुने पानी/दूध में मिलाकर सेवन करें
डायबिटीज मरीजों के लिए सुझाव
- मात्रा का ध्यान रखें
गुड़ या शहद, दोनों ही सीमित मात्रा में ही फायदेमंद हैं
ज्यादा लेने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है
- खाली पेट सेवन से बचें
हमेशा भोजन के साथ या हल्का स्नैक के साथ लें
- ब्लड शुगर मॉनिटर करें
नए स्वीटनर को अपने डायट में शामिल करने से पहले ब्लड शुगर जांचें
- पूरा आहार संतुलित रखें
प्रोटीन, फाइबर, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं
मीठा सीमित करके ब्लड शुगर स्थिर रखें
डायबिटीज मरीजों के लिए गुड़ और शहद दोनों ही सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प हो सकते हैं, लेकिन मात्रा और समय का ध्यान रखना जरूरी है। चीनी की तरह ये सीधे ब्लड शुगर को जल्दी नहीं बढ़ाते, और एंटीऑक्सीडेंट्स से स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाते हैं।
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