गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है – तरबूज। ठंडा, मीठा और रस से भरपूर तरबूज न सिर्फ गर्मी को मात देता है, बल्कि शरीर में पानी की कमी को भी दूर करता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में बिकने वाला हर तरबूज सेहतमंद नहीं होता?
बहुत से तरबूजों को जल्दी पकाने और लाल दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल्स और रंग का इस्तेमाल किया जाता है।
आइए जानें कैसे करें केमिकल वाले तरबूज की पहचान और इसके सेवन से होने वाले नुकसानों से कैसे बचें।
कैसे पहचानें नकली रंग या केमिकल मिला तरबूज?
कपड़े से रगड़ें
तरबूज को काटें और उसके गूदे पर साफ कॉटन के कपड़े से हल्के हाथों से रगड़ें।
अगर कपड़ा लाल हो जाए तो समझ जाएं – केमिकल का इस्तेमाल हुआ है।
पानी में डालकर जांचें
तरबूज का एक टुकड़ा लें और पानी से भरे बर्तन में डालें।
अगर पानी का रंग लाल या गुलाबी हो जाए तो तरबूज में मिलावट है।
छिलके का रंग और चमक देखें
प्राकृतिक तरबूज का छिलका सादा और गहरा हरा होता है,
जबकि केमिकल वाला तरबूज असामान्य रूप से चमकदार या बहुत हल्का रंग लिए होता है।
सूंघकर पहचानें
असली तरबूज की खुशबू मीठी और ताजी होती है,
जबकि केमिकल मिले तरबूज में से तेज़, अजीब सी रासायनिक गंध आती है।
केमिकल वाले तरबूज से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान
एलर्जी
केमिकल वाले तरबूज कुछ लोगों में त्वचा पर रैशेज या खुजली जैसी एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
पाचन संबंधी दिक्कतें
इन तरबूजों में मौजूद हानिकारक तत्वों से गैस, पेट दर्द, उल्टी या दस्त हो सकते हैं।
ब्लड शुगर पर असर
तरबूज में नेचुरली शुगर होती है, लेकिन अगर इसमें रंग और केमिकल भी मिलाए गए हों तो ये ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा सकते हैं।
फूड पॉइजनिंग
अगर तरबूज में कीटनाशकों या हानिकारक रसायनों का उपयोग हुआ है, तो इससे फूड पॉइजनिंग तक हो सकती है।
क्या करें?
तरबूज विश्वसनीय फल विक्रेता से ही खरीदें।
हमेशा तरबूज काटने से पहले उसकी बाहरी चमक और गंध जरूर चेक करें।
काटने के बाद भी अगर शक हो तो टेस्ट न करें, छोड़ दें।
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