रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रालय को दिवाली से पहले स्पर्श प्रणाली के जरिये पेंशन पाने वाले पूर्व रक्षाकर्मियों को ‘वन रैंक वन पेंशन स्कीम’ (ओआरओपी) के तहत भुगतान की तीसरी किस्त जारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी पूर्व रक्षा कर्मियों को पेंशन के लिए ओआरओपी भुगतान की तीसरी किस्त दिवाली से पहले जारी करने का निर्देश दिया गया है। बैंकों और अन्य एजेंसियों को भी उनके जरिये पेंशन हासिल करने वाले सभी रक्षा पेंशनभोगियों के लिए ऐसा ही करने का निर्देश दिया गया है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर रक्षा बलों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना के कार्यान्वयन में देरी करने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस नीति को लागू किया और अब तक रिटायर फौजियों के बैंक खातों में 70,000 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने लड़कियों के लिए सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले और सीमा पर महिला अधिकारियों की तैनाती की सुविधा दी। कहा कि कांग्रेस ने इसके लिए केवल 500 करोड़ रुपये निर्धारित किए। जबकि वह अच्छी तरह से जानती थी कि यह राशि बहुत कम थी। जब भाजपा 2014 में केंद्र में सत्ता में आई, तो उसने पूर्व सैनिकों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया। अब तक सरकार ने इस योजना के तहत उन्हें 70,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। ओआरओपी का मतलब है कि समान रैंक और समान सेवा अवधि वाले सैनिकों को समान पेंशन मिलती है, भले ही उनके रिटायर होने की तारीख कुछ भी हो।
पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुरैना में एक जनसभा में वन रैंकस वन पेंशन योजना के बारे में ये बात कही ग्वालियर-चंबल संभाग में स्थित मुरैना एक ऐसा इलाका है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है और आजादी के बाद सामने आए सबसे पहले घोटालों में से एक रक्षा बलों से जुड़ा था। कहा कि कांग्रेस ने रक्षा बलों को विदेशी हथियारों पर निर्भर बना दिया और उन्हें विरोधियों से लड़ने के लिए आधुनिक हथियारों से वंचित कर दिया।
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News