नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): निर्माण क्षेत्र की पंजीकृत यूनियनों के सामूहिक मंच निर्माण मजदूर अधिकार अभियान (नमा) ने निर्माण श्रमिकों को श्रम संहिताओं से बाहर रखने की मांग करते हुए कहा है कि वेतन निर्धारण के त्रिपक्षीय फार्मूले को बचाने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा।
नमा के 10 वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक सम्मेलन केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय से यह मांग की गई। सम्मेलन में विभिन्न श्रमिक संगठनों एवं संस्थाओं के लगभग 70 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर दत्तोपंत थेंगडी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के दिल्ली क्षेत्रीय निदेशालय के प्रभारी डॉ. पंकज रस्तोगी और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के निदेशक अशोक उपस्थित रहे।
नमा के संयोजक थानेश्वर दयाल आदिगौड़ ने बताया कि बैठक के दौरान विभिन्न सत्रों में दिल्ली में निर्माण मजदूरो के केंद्रीय कानूनों की पालना की स्थिति एवं चुनौतियो पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमे उपस्थित श्रमिक संगठनो के प्रतिनिधियों ने अपने विचार एवं सुझाव रखे।
उन्होंने बताया कि बैठक में निर्माण मजदूरो के कानूनों को श्रम संहिताओं से बाहर रखने और मजदूरो के हित में बने त्रिपक्षीय बोर्ड को बचाने के लिये एक व्यापक अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।
-एजेंसी/वार्ता
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