डिलीवरी के बाद पीरियड्स में देरी? जानिए कब और क्यों लौटते हैं मासिक चक्र

प्रसव यानी डिलीवरी के बाद महिलाओं के जीवन में न केवल भावनात्मक और सामाजिक बदलाव आते हैं, बल्कि शारीरिक बदलावों की एक लंबी प्रक्रिया भी शुरू होती है। इन्हीं में से एक प्रमुख सवाल होता है — “पीरियड्स दोबारा कब शुरू होंगे?” यह प्रश्न हर नई माँ के मन में आता है, खासकर तब जब पीरियड्स अपेक्षित समय से काफी देरी से लौटते हैं।

मासिक धर्म का लौटना: एक व्यक्तिगत प्रक्रिया
विशेषज्ञों के अनुसार, डिलीवरी के बाद पीरियड्स का दोबारा शुरू होना पूरी तरह से महिला के शरीर, हार्मोन और जीवनशैली पर निर्भर करता है। यह कोई तय समय नहीं है, बल्कि हर महिला के लिए अलग होता है।

जो महिलाएं स्तनपान (Breastfeeding) नहीं कर रही होतीं, उनके पीरियड्स आमतौर पर 6 से 8 सप्ताह के भीतर लौट आते हैं।

वहीं, जो महिलाएं एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग करती हैं, यानी केवल स्तनपान करवा रही हैं और शिशु को कोई अन्य दूध या खाना नहीं देतीं, उनके पीरियड्स 6 महीने या उससे अधिक समय तक भी नहीं आते।

हार्मोनल संतुलन की भूमिका
डिलीवरी के बाद शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। यही हार्मोन स्तनपान को नियंत्रित करता है। लेकिन यह हार्मोन ओवुलेशन (अंडोत्सर्ग) को दबा देता है, जिससे मासिक धर्म की प्रक्रिया रुक जाती है।

स्तनपान जारी रहने तक प्रोलैक्टिन उच्च रहता है, जिससे पीरियड्स में देरी होती है। लेकिन जैसे ही शिशु को ठोस आहार देना शुरू किया जाता है या स्तनपान की मात्रा कम होती है, वैसे-वैसे हार्मोन संतुलन बदलता है और मासिक धर्म दोबारा शुरू हो सकता है।

पीरियड्स में देरी के अन्य संभावित कारण
अगर डिलीवरी के 6 से 8 महीनों बाद भी पीरियड्स नहीं आए हैं और आप स्तनपान नहीं करवा रही हैं, तो यह किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की ओर भी संकेत कर सकता है। संभावित कारणों में शामिल हैं:

थायरॉइड असंतुलन

अत्यधिक वजन बढ़ना या घटाना

तनाव या नींद की कमी

हार्मोनल डिसऑर्डर (जैसे PCOS)

गर्भावस्था (अगर यौन संबंध हुए हों)

ऐसे में डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी होता है।

क्या डिलीवरी के बाद पीरियड्स में बदलाव आता है?
कई महिलाओं को लगता है कि डिलीवरी के बाद उनका मासिक चक्र पहले जैसा नहीं रहा — दर्द बढ़ सकता है, ब्लीडिंग ज्यादा या कम हो सकती है, या चक्र अनियमित हो सकता है। यह सब सामान्य हो सकता है, क्योंकि शरीर एक बार फिर से संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा होता है।

हालांकि, यदि पीरियड्स बहुत ज़्यादा भारी, बेहद दर्दनाक या लगातार अनियमित हो जाएं, तो गाइनकोलॉजिस्ट से जांच करवाना उचित होगा।

क्या पीरियड्स के लौटने का मतलब है कि गर्भधारण हो सकता है?
हां। डिलीवरी के बाद भले ही पीरियड्स न लौटे हों, लेकिन ओवुलेशन पहले ही शुरू हो सकता है, जिससे गर्भधारण की संभावना बनी रहती है। इसलिए यदि आप अगली गर्भावस्था को टालना चाहती हैं, तो डॉक्टर से गर्भनिरोधक विकल्पों पर चर्चा करना ज़रूरी है।

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