फिट और आकर्षक बॉडी पाने की चाहत में लोग आजकल प्रोटीन पाउडर, शेक्स और हाई-प्रोटीन डाइट का भरपूर सेवन कर रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन शरीर के लिए फायदेमंद नहीं, बल्कि नुकसानदेह साबित हो सकता है।
प्रोटीन ज़्यादा लेने से हो सकती हैं ये समस्याएँ
- किडनी डैमेज: अधिक प्रोटीन से किडनी पर दबाव बढ़ता है, जिससे किडनी फेलियर का खतरा रहता है।
- लिवर की दिक्कतें: लिवर को अतिरिक्त प्रोटीन को प्रोसेस करने में परेशानी होती है।
- हार्ट डिजीज: हाई प्रोटीन डाइट के साथ अक्सर फैट का सेवन भी ज़्यादा हो जाता है, जिससे हार्ट प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।
- हड्डियों की कमजोरी: प्रोटीन की ओवरडोज़ कैल्शियम संतुलन बिगाड़ देती है, जिससे बोन हेल्थ प्रभावित होती है।
- डिहाइड्रेशन और थकान: अतिरिक्त प्रोटीन शरीर में पानी की कमी और कमजोरी का कारण बनता है।
डायटीशियन और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर व्यक्ति की प्रोटीन की ज़रूरत अलग होती है। यह उसकी उम्र, वजन और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है। आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रति किलो वजन के हिसाब से 0.8 से 1 ग्राम तक प्रोटीन की ही ज़रूरत होती है।
संतुलित आहार ही असली फिटनेस मंत्र
फिटनेस का मतलब सिर्फ प्रोटीन लेना नहीं है। शरीर को संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स की भी ज़रूरत होती है।विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रोटीन सप्लीमेंट तभी लें जब डॉक्टर या डायटीशियन इसकी सिफारिश करें।
फिटनेस की चाहत में ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन लेना सेहत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। अगर आप स्वस्थ और फिट रहना चाहते हैं, तो संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज़ और पर्याप्त नींद ही असली उपाय हैं।
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