आईपीएल 2025 के 47वें मुकाबले में धमाकेदार शतक जड़कर चर्चा में आए राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव सूर्यवंशी इन दिनों क्रिकेट जगत में हर किसी की जुबान पर हैं। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने इतिहास रच दिया। वह क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके हैं।
लेकिन वैभव की ये चमक अचानक नहीं आई। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 12 साल की उम्र में ही उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बिहार की ओर से डेब्यू कर लिया था। उस वक्त टीम के कप्तान थे अनुभवी क्रिकेटर आशुतोष अमन। उन्होंने हाल ही में वैभव से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें साझा कीं, जो उनकी संघर्षभरी और मासूम शुरुआत को उजागर करती हैं।
नर्वस ‘छोटू’ और कप्तान की बड़ी सीख
रणजी ट्रॉफी 2024 में वैभव ने मुंबई के खिलाफ डेब्यू किया था। यह मैच 5 से 8 जनवरी के बीच खेला गया था। तब उनकी उम्र सिर्फ 12 साल 284 दिन थी। डेब्यू से एक रात पहले वैभव पटना के होटल में अभ्यास कर रहे थे। कप्तान आशुतोष अमन ने जब उन्हें देखा, तो पूछा, “छोटू, खाना खाया?” वैभव का जवाब था, “मन नहीं कर रहा भैया।” इसके बाद कप्तान ने उन्हें खाने पर ले जाकर माहौल हल्का किया। जब मेन्यू पूछा गया तो वैभव ने मासूमियत से कहा, “मटन और चावल ऑर्डर कर दीजिए।”
जूते के फीते भी नहीं बांध पा रहे थे
ड्रेसिंग रूम में वैभव की मासूमियत सबको भावुक कर देती थी। जब वह ओपनिंग के लिए जा रहे थे, तब उन्हें जूते के फीते बांधने में परेशानी हो रही थी। कप्तान आशुतोष ने पूछा, “लेस बांधने नहीं आते?” वैभव ने सिर्फ सिर हिला दिया। तब कप्तान खुद झुके और उनके जूते के फीते बांधे।
पहले ही मैच में चमकी प्रतिभा
अपने डेब्यू रणजी मैच की पहली पारी में वैभव ने 28 गेंदों पर 19 रन बनाए, जिसमें 4 शानदार चौके शामिल थे। दूसरी पारी में उन्होंने 37 गेंदों पर 12 रन बनाए और 2 चौके जड़े। कप्तान आशुतोष अमन ने उस दिन ड्रेसिंग रूम में कहा था, “बिहार को पहला क्रिकेट सुपरस्टार मिल गया है।”
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