रीढ़ की हड्डी में पानी कम होने के कारण और शुरुआती लक्षण

रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में मौजूद डिस्क के अंदर प्राकृतिक रूप से एक जेल जैसा तरल पदार्थ होता है, जिसे हम ‘पानी’ के तौर पर समझ सकते हैं। यह तरल पदार्थ रीढ़ की हड्डी को लचीलापन और सहारा देता है, जिससे हम आराम से मुड़ सकते हैं, झुक सकते हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों को संभाल सकते हैं। लेकिन उम्र बढ़ने या गलत जीवनशैली के कारण इस तरल पदार्थ की मात्रा कम हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में “डिस्क डीजनेरेशन” या डिस्क में पानी की कमी कहा जाता है।

रीढ़ की हड्डी में पानी कम होने के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, रीढ़ की हड्डी में पानी कम होने के कई कारण हो सकते हैं:

उम्र का प्रभाव
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर के टिशूज में पानी की मात्रा कम होने लगती है। डिस्क भी इससे अछूती नहीं रहती। 30-40 वर्ष की उम्र के बाद यह प्रक्रिया तेज हो जाती है।

गलत पोस्चर और दिनचर्या
लगातार गलत तरीके से बैठना, भारी वजन उठाना या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बने रहना डिस्क के ऊपर दबाव बढ़ाता है, जिससे उसमें पानी की कमी हो सकती है।

शारीरिक गतिविधि की कमी
शारीरिक व्यायाम न करने से रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे डिस्क की सेहत प्रभावित होती है।

चोट या दुर्घटना
रीढ़ की हड्डी पर चोट लगना या अचानक मोच आने से भी डिस्क में पानी की मात्रा कम हो सकती है।

अनुवांशिक कारण
कुछ मामलों में यह समस्या परिवार में पीढ़ी-दर-पीढ़ी देखने को मिलती है।

शुरुआती लक्षण क्या हैं?

डॉक्टर के मुताबिक, जब रीढ़ की डिस्क में पानी कम होता है, तो इसके शुरुआती लक्षण आसानी से नजरअंदाज हो जाते हैं। लेकिन कुछ संकेत होते हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

पीठ और कमर में लगातार दर्द होना, खासकर लंबे समय तक बैठने या चलने के बाद

गर्दन या कमर में अकड़न महसूस होना

कभी-कभी पैरों या हाथों में झुनझुनी या सूजन महसूस होना

मांसपेशियों में कमजोरी आना

चलने-फिरने में दिक्कत होना

कैसे करें बचाव?

सही पोस्चर अपनाएं: बैठने और काम करने के दौरान पीठ को सीधा रखें।

नियमित व्यायाम करें: योग, स्ट्रेचिंग और हल्की दौड़ रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाती है।

भारी वस्तु उठाते समय सावधानी बरतें।

संतुलित आहार लें जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में हो।

धूम्रपान और शराब से बचें क्योंकि ये शरीर के टिशूज को नुकसान पहुंचाते हैं।

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