सर्दी-खांसी की समस्या खासकर सर्दियों में आम हो जाती है। पुराने ज़माने से ही आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में नाक में घी डालने को सर्दी-जुकाम दूर करने का उपाय माना जाता रहा है। लेकिन क्या वाकई नाक में घी डालने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है? इस पर विशेषज्ञ क्या कहते हैं, जानना जरूरी है।
घी डालने का पारंपरिक तरीका और इसके पीछे का तर्क
घी, जिसे आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, शीतल और पोषणकारी होता है। माना जाता है कि नाक के अंदर घी डालने से नाक की अंदरूनी झिल्ली को चिकनाई मिलती है, जिससे सूजन कम होती है और नाक बंद होने की समस्या दूर होती है। इसके अलावा यह म्यूकस (नाक की थैली में बनने वाला बलगम) को पतला करने में मदद करता है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है।
डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
ईएनटी स्पेशलिस्ट, कहती हैं, “नाक में घी डालने की परंपरा भारतीय संस्कृति में लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसे लेकर सीमित अध्ययन हैं, लेकिन नाक की सूखापन और जलन में घी राहत पहुंचा सकता है।”
लेकिन डॉ. यह भी बताती हैं कि नाक में घी डालते समय सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादा घी डालने से नाक में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, खासकर यदि घी साफ-सुथरा और पका हुआ न हो।
क्या नाक में घी डालना हर किसी के लिए सुरक्षित है?
नाक में घी डालना हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जिन्हें एलर्जी या नाक की बीमारी हो, उन्हें इसे करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासकर यदि नाक में पहले से कोई संक्रमण या जख्म हो, तो घी डालने से स्थिति बिगड़ सकती है।
घरेलू नुस्खे और आधुनिक उपचार का संतुलन
सर्दी-खांसी में राहत पाने के लिए नाक में घी डालना एक सहायक घरेलू उपाय हो सकता है, लेकिन इसे आधुनिक उपचारों के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अगर सर्दी या खांसी लंबे समय तक बनी रहे या गंभीर हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
साथ ही, नाक की सफाई और मॉइस्चराइजेशन के लिए भाप लेना, गर्म पानी पीना, और उचित दवाइयों का सेवन भी जरूरी होता है।
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