नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): गैरसरकारी संगठन आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने बिहार में छपरा जहरीली शराब त्रासदी में हुई मौतों की एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने तथा अवैध शराब के निर्माण , कारोबार और बिक्री पर पर अंकुश लगाने के लिए कार्य योजना तैयार करने की मांग को लेकर सोमवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
शीर्ष न्यायालय में पेश जनहित याचिका में कहा गया है कि केंद्र को बिहार जहरीली शराब त्रासदी की एसआईटी जांच कराने और पीड़ित परिवार के सदस्यों को उचित मुआवजा देने से पहले अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। याचिका में मुख्य न्यायाधीश के समक्ष तत्काल सुनवाई का भी उल्लेख किया है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि वह इस मुद्दे को देखेंगे और इसे सूचीबद्ध करेंगे। याचिका में कहा गया है कि गत 14 दिसंबर को बिहार के छपरा जिले में हाल ही में हुई जहरीली शराब त्रासदी से देश में कोहराम मचा है। जहरीली शराब के सेवन से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है , जबकि अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इस घटना की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है। वहीं राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में सक्रिय हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है जब देश में जहरीली शराब पीने से लोगों के मरने की खबर आई है। हाल के वर्षों में गुजरात, पंजाब और हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक में भी इसी तरह के मामले सामने आये थे , जिसमें जानमाल का काफी नुकसान हुआ था।
-एजेंसी/वार्ता
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