आज के समय में डायबिटीज (मधुमेह) एक आम बीमारी बनती जा रही है। बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग – कोई भी इससे अछूता नहीं है। इसका मुख्य कारण है गलत खानपान और अस्वस्थ जीवनशैली।
डायबिटीज के रोगियों को ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम हो और जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करें। इसी कड़ी में चुकंदर (Beetroot) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार है चुकंदर
चुकंदर में पाया जाता है:
बेटा-कैरोटीन
विटामिन C
नियासिन
फाइबर
बीटालेन्स और फेनोलिक यौगिक
ये सभी तत्व ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
बीटालेन्स और फेनोलिक यौगिकों में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और शरीर में सूजन को कम करते हैं, जिससे शुगर के मरीजों को राहत मिल सकती है।
चुकंदर के सेवन के फायदे
1. शुगर लेवल में स्थिरता
चुकंदर में मौजूद फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।
2. एंटीऑक्सिडेंट्स का भंडार
यह शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करता है और कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है।
3. पाचन में सुधार
फाइबर पाचन को बेहतर करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
4. नाइट्रेट्स से हृदय को लाभ
चुकंदर में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट्स रक्त संचार को सुधारते हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।
चुकंदर खाने के आसान और स्वादिष्ट तरीके
सलाद में कच्चा चुकंदर काटकर खाएं
चुकंदर का जूस बनाकर पीएं
चुकंदर का सूप बनाएं
सब्ज़ी या पराठे में मिलाकर सेवन करें
ध्यान दें: जूस की तुलना में सलाद या उबले चुकंदर का सेवन बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा बनी रहती है।
रोजाना कितनी मात्रा में लें चुकंदर?
डायबिटीज के मरीज़ रोजाना आधा से एक कप कच्चा या पका चुकंदर खा सकते हैं।
1 कप उबले हुए चुकंदर में लगभग 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है।
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