अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन शुक्रवार को यहां इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के दौरान पूर्व कप्तान अनिल कुंबले के बाद 500 टेस्ट विकेट हासिल करने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। अश्विन यह उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ तीसरे ऑफ स्पिनर हैं। वह कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज भी हैं। कुंबले के नाम 619 टेस्ट विकेट दर्ज हैं।
सैंतीस साल के अश्विन ने तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन यह उपलब्धि हासिल की। उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सिर्फ एक विकेट की दरकार थी। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जैक क्राउली उनकी गेंद को स्वीप करने के प्रयास में हवा में उछाल गए और शॉर्ट फाइन लेग पर रजत पाटीदार ने आसान कैच लपका।
अश्विन से पहले संन्यास ले चुके श्रीलंका के महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (800) और ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन (517 विकेट) यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट के आंकड़े को छूने वाले दुनिया के नौवें गेंदबाज हैं। वर्ष 2011 में पदार्पण करने वाले अश्विन ने अपने 98वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की।
चेन्नई के इंजीनियरिंग स्नातक अश्विन ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की और ऑफ स्पिनर की भूमिका निभाने से पहले मध्यम गति की गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। किशोरावस्था में पीठ की चोट के कारण उन्हें स्पिन गेंदबाजी को अपनाना पड़ा।
कुंबले और हरभजन सिंह के युग के बाद अश्विन से काफी उम्मीदें थीं और उन्होंने निराश नहीं किया। उन्होंने अपने शुरुआती 16 टेस्ट मैच में नौ बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट लिए और सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। अश्विन ने छोटे प्रारूपों में भी अपनी योग्यता साबित की है। उन्होंने 116 एकदिवसीय मैचों में 156 विकेट जबकि 65 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 72 विकेट लिए हैं।
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News