संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दावा किया है कि 13 फरवरी को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए कर्नाटक से ट्रेन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी आ रहे करीब 100 किसानों को मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में रोक लिया है।
एसकेएम के दक्षिण भारत के संयोजक शांताकुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह भी इस समूह के साथ ट्रेन में यात्रा रहे थे और “हमें भोपाल स्टेशन पर पुलिस ने रोक लिया तथा हमारे कुछ सदस्य जख्मी भी हुए हैं।”
शांताकुमार ने कहा कि वह किसी तरह दिल्ली पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो केंद्रीय मंत्री एसकेएम और अन्य किसान संघों के साथ शांति बैठकें कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर सरकार किसानों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में करीब 23 महापंचायतें हुईं और प्रदर्शन की योजना तीन महीने पहले बनाई गई थी। शांताकुमार ने कहा कि इसका अचानक से ऐलान नहीं किया गया है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों व कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफ करने, पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने और लखीमपुरी खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए ”न्याय” की मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का सोमवार शाम चंडीगढ़ में एसकेएम समेत अन्य किसान संघों के सदस्यों से मुलाकात करने का कार्यक्रम है।
उन्होंने किसानों संघों के सदस्यों के साथ पिछले हफ्ते भी बैठक की थी जिसके बाद यह उनकी दूसरी बैठक होगी।
– एजेंसी
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