अगर आपकी कमर, घुटनों या पीठ में बार-बार दर्द होता है और उम्र ज़्यादा नहीं है, तो इसकी वजह सिर्फ थकावट नहीं, बल्कि बोन डेंसिटी (हड्डियों की घनता) में कमी हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब हड्डियों में मिनरल्स और कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है, तो वे कमजोर होकर दर्द और फ्रैक्चर का कारण बनती हैं। यह स्थिति ऑस्टियोपीनिया या ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत हो सकती है।
क्या है बोन डेंसिटी?
बोन डेंसिटी का मतलब होता है – हड्डियों में मौजूद मिनरल्स की मात्रा। जब यह मात्रा घटने लगती है, तो हड्डियाँ पतली, कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं। इससे हल्की चोट या झटका भी फ्रैक्चर का कारण बन सकता है।
हड्डियाँ कमजोर होने के संकेत
चलने या खड़े होने पर कमर या घुटनों में दर्द
पीठ झुकने लगना
लंबाई में कमी महसूस होना
जोड़ों में अकड़न या सूजन
बार-बार फ्रैक्चर होना
क्यों घटती है बोन डेंसिटी?
बढ़ती उम्र, खासकर महिलाओं में मेनोपॉज़ के बाद
कैल्शियम और विटामिन D की कमी
धूप में कम रहना
शारीरिक गतिविधियों की कमी
स्मोकिंग और शराब का सेवन
कुछ दवाएं या हॉर्मोनल बदलाव
कैसे बचाएं हड्डियों को कमजोर होने से?
हर दिन धूप लें (सुबह 8 से 10 बजे तक)
डाइट में कैल्शियम और विटामिन D शामिल करें – दूध, दही, अंडा, बादाम, तिल, हरी सब्जियाँ
वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करें – जैसे वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग
धूम्रपान और शराब से दूर रहें
जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लिमेंट लें
हर 2 साल में बोन डेंसिटी टेस्ट करवाएं, खासकर अगर उम्र 40+ है
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