गर्मियों में फंगल इन्फेक्शन से हैं परेशान? जानिए एक्सपर्ट से बचाव के आसान और असरदार उपाय

तेज़ गर्मी, उमस और पसीना—ये तीनों मिलकर शरीर को जहां असहज बनाते हैं, वहीं कई बार फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) जैसी समस्या को भी जन्म दे देते हैं। गर्मियों और मानसून में यह संक्रमण अधिक तेज़ी से फैलता है। त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन और बदबू जैसी समस्याएं इसकी आम पहचान हैं। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह संक्रमण और गंभीर रूप ले सकता है।

त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है, कि थोड़ी-सी सतर्कता और साफ-सफाई के कुछ नियम अपनाकर इस संक्रमण से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि फंगल इन्फेक्शन आखिर क्यों होता है, कौन से लोग इसके ज्यादा शिकार होते हैं, और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए।

क्यों बढ़ता है फंगल इन्फेक्शन गर्मियों में?

गर्मी और उमस में पसीना अधिक आता है। यह नमी शरीर के कई हिस्सों में (जैसे गर्दन, बगल, कमर, जांघों और पैर की उंगलियों के बीच) लंबे समय तक बनी रहती है। यह नमी ही फंगस यानी कवक के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। यही कारण है कि गर्मियों में यह संक्रमण अधिक देखने को मिलता है।

फंगल इन्फेक्शन के आम लक्षण:

त्वचा पर लाल या भूरे रंग के गोल निशान

खुजली और जलन का अहसास

संक्रमित जगह की त्वचा पर छीलन या फट जाना

बदबू आना या पस पड़ना

शरीर के विशेष अंगों (जैसे जांघों, बगल, पैर की उंगलियों) में अधिक परेशानी

कौन होते हैं ज्यादा प्रभावित?

अधिक पसीना आने वाले लोग

टाइट कपड़े पहनने की आदत वाले

दिनभर जूते या मोजे पहनने वाले

डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित लोग

जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है

त्वचा रोग विशेषज्ञ कहते हैं:
“फंगल इन्फेक्शन को हल्के में लेना बड़ी गलती है। यह केवल बाहरी परेशानी नहीं, बल्कि शरीर में इम्यून सिस्टम की कमजोरी का भी संकेत हो सकता है।”

फंगल इन्फेक्शन से बचाव के असरदार उपाय:
1. साफ-सफाई बनाए रखें

हर दिन स्नान करें, खासकर पसीना आने के बाद। टॉवल, कपड़े और अंडरगारमेंट्स हमेशा सूखे और साफ हों। दूसरों के कपड़े या तौलिया इस्तेमाल न करें।

2. ढीले और सूती कपड़े पहनें

गर्मी में सिंथेटिक या टाइट कपड़े पसीने को रोकते हैं, जिससे संक्रमण की आशंका बढ़ती है। सूती, हल्के और ढीले कपड़े पहनना त्वचा को हवा लगने देता है।

3. प्रभावित जगह को सूखा रखें

नहाने के बाद शरीर के जो हिस्से जल्दी गीले रहते हैं, उन्हें अच्छे से सुखाएं। टैल्कम पाउडर या एंटी-फंगल पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।

4. जूते-मोजे पहनने में सावधानी

अगर पैरों में फंगल संक्रमण हो गया है, तो बंद जूते न पहनें। मोजे रोज़ बदलें और पैरों को खुला रखें।

5. स्वस्थ खानपान अपनाएं

फलों, हरी सब्जियों और पानी का सेवन बढ़ाएं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जितनी बेहतर होगी, संक्रमण का खतरा उतना ही कम रहेगा।

क्या डॉक्टर से परामर्श जरूरी है?

बिलकुल। अगर त्वचा पर रैशेज़ 3–4 दिन में ठीक नहीं हो रहे हैं या खुजली लगातार बढ़ रही है, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। कई बार घरेलू नुस्खे उल्टा असर करते हैं और समस्या बढ़ जाती है।

स्किन एक्सपर्ट कहती हैं:
“एंटी-फंगल क्रीम्स, टेबलेट्स और पाउडर डॉक्टर की सलाह पर ही लें। बिना परामर्श के दवाएं शुरू करना संक्रमण को और बढ़ा सकता है।”

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