एप्पल साइडर विनेगर हाल के दिनों में बहुत ही लोकप्रिय घरेलू उपचार बन गया है, हालांकि इसका इस्तेमाल सदियों से खाना पकाने और दबाव में किया जाता रहा है. कहा जाता है कि ये उच्च कोलेस्ट्रॉल रक्त शर्करा के स्तर को, मोटापे को और उच्च रक्तचाप सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.
हालांकि अभी तक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है, क्योंकि सेब का सिरका पोटैशियम, मैग्निशियम, कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है, यह शरीर के लिए अच्छा माना जाता रहा है, इसका इस्तेमाल सॉस, सलाद ड्रेसिंग के रूप में किया जाता रहा है.
वहीं शोध से ये पता चलता है कि सेब के सिरके में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल दोनों प्रभाव होते हैं. इनमें एंटी ओरल बायोफिल्म प्रभाव भी शामिल है. ओरल बायोफिल्म जिसे डेंटल प्लाक के रूप में जाना जाता है. यह दांतो की सतह पर बैक्टीरिया की एक चिपचिपी परत होती है.
लेकिन अगुछ चीजों पर ध्यान दिया जाए तो सेब के सिरके से दांतो के प्लाक को कम करना अच्छा विकल्प नहीं है, क्योंकि इसमें एसिड की उच्च मात्रा होती है.यह दातों के टिशूज को खराब करने का कारण बन सकता है. यह दांतों के इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकता है. सिरका में मौजूद एसिड दांतों के इनेमल को कमजोर कर सकता है.
अगर आप सेव के सिरके को नियमित रूप से पीना चाहते हैं और दातों को भी नुकसान से बचाना चाहते हैं जो कुछ नियमों का पालन करने से आप ऐसा करने में सफल हो सकते हैं. सेब के सिरके को हमेशा पानी में घोल लें और अपने दांतों की सुरक्षा के लिए इसे स्ट्रॉ से पिए या आप मुख्य भोजन के साथ सेवन करे. ऐसे उत्पादों से बच्चे जिन्हें बहुत अधिक चबाने की आवश्यकता होती है जैसे चेविंगम.
एप्पल विनेगर में एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो खून में पोटेशियम के लेवल को गिरा सकता है. अगर आप सीधे तौर पर एप्पल विनेगर का सेवन करते हैं तो हड्डियों में मिनरल घनत्व कम हो जाता है और हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है.आपको ओस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है.
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