प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत काल में भारत को आधुनिक विज्ञान की विश्व की सबसे आधुनिक प्रयोगशाला बनाने के संकल्प के साथ मंगलवार को भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया।
श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाराष्ट्र में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (आरटीएमएनयू) के अमरावती रोड परिसर में आयोजित विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा,“ भारत 25 वर्षों में जिस ऊंचाइयों पर पर होगा उसमें भारतीय वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत का वैज्ञानिक समाज देश को उन ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा जिसका देश हकदार रहा है, यह मेरा विश्वास है। भारत में डाटा और प्रौद्योगिकी बहुतायत में है। इन दोनों क्षेत्रों में भारत को बुलंदियों पर पहुंचाने की हमारे वैज्ञानिक क्षमता रखते हैं। चाहे ट्रेडिशनल नॉलेज हो या आधुनिक प्रौद्योगिकी यह दोनों ही वैज्ञानिक खोज में मददगार होते हैं। हमें अपने वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने के लिए खोजी प्रवृत्ति को विकसित करना होगा।”
श्री मोदी ने कहा,“ भारत जिस वैज्ञानिक दृष्टि से आज आगे बढ़ रहा है, उसके नतीजे हम देख रहे हैं।विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से विश्व में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो रहा है। वर्ष 2020 में हम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 40 में स्थान पर पहुंच गए। भारत पीएचडी के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है।आज भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में है।हम साइंस के जरिए महिला सशक्तिकरण ही नहीं करना चाहते, बल्कि महिलाओं की भागीदारी के माध्यम से विज्ञान का भी सशक्तिकरण करने का लक्ष्य रखते हैं। हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है ,यह इस बात का प्रमाण है कि समाज आगे बढ़ रहा है।”
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