विपक्ष के वे 14 सांसद 31 जनवरी से आरंभ हो रहे बजट सत्र में भाग ले सकेंगे जिन्हें शीतकालीन सत्र के दौरान निलंबित करने के साथ ही उनके मामले को विशेषाधिकार समितियों के पास भेज दिया गया था।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि इन सांसदों के संदर्भ में सरकार के आग्रह पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सहमति जताई है।
लोकसभा और राज्यसभा से संबंधित विशेषधिकार समितियों ने सिफारिश की थी कि शीतकालीन सत्र के दौरान के अपने आचरण के लिए खेद व्यक्त करने के बाद सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए।
दोनों सदनों में कुल 146 विपक्षी सांसदों का निलंबन हुआ था। इनमें से 100 लोकसभा सदस्य और 46 राज्यसभा सदस्य शामिल थे। इनमें 132 सांसदों का निलंबन शीतकालीन सत्र के लिए था, लेकिन 14 सांसदों के मामलों को दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों के पास भेज दिया गया था।
लोकसभा और राज्यसभा ने मिलकर 132 सांसदों को 21 दिसंबर को समाप्त हुए शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया था और इन 14 सांसदों का मामला संबंधित विशेषाधिकार समिति को भेज दिया था।
संसदीय कार्य मंत्री जोशी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ”सभी का निलंबन वापस लिया जाएगा। हमने सरकार की ओर से लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति से अनुरोध किया और वे सहमत हो गए हैं।”
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में भाग लेने वाले विभिन्न दलों के नेताओं से कहा गया था कि उन्हें इस निर्णय का पालन करना चाहिए कि सांसदों को सत्र के दौरान कक्ष के अंदर तख्तियां या इसी तरह की कोई सामग्री नहीं लानी चाहिए अन्यथा अध्यक्ष को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बजट सत्र बुधवार से आरंभ होगा और यह नौ फरवरी को समाप्त होगा।
– एजेंसी
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