चाय में चुटकीभर नमक मिलाना हो सकता है फायदेमंद, जानें क्या कहती है रिसर्च और एक्सपर्ट की राय

भारत में चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि दिन की शुरुआत और थकान मिटाने का ज़रिया है। आमतौर पर चाय में चीनी या दूध मिलाकर पीने का चलन है, लेकिन अब एक नई स्वास्थ्य प्रवृत्ति ने लोगों का ध्यान खींचा है — चाय में चुटकीभर नमक मिलाकर पीना।

सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों में इसके कुछ स्वास्थ्य लाभ बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में नमक मिलाकर पी गई चाय कुछ खास परिस्थितियों में शरीर को फायदा पहुंचा सकती है, खासकर जब बात इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस, पाचन सुधार, और ब्लड प्रेशर कंट्रोल की हो।

नमक वाली चाय: कहां से आया यह विचार?

नमक मिलाकर चाय पीने की परंपरा लद्दाख, तिब्बत और कश्मीर जैसे इलाकों में वर्षों से चली आ रही है। वहां की कठोर जलवायु और ऊंचाई पर शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने के लिए “नमकीन चाय” या “बटर टी” का सेवन आम बात है। अब यही परंपरा, स्वास्थ्य लाभों के चलते, शहरी लोगों में भी लोकप्रिय होने लगी है।

चाय में नमक मिलाने के संभावित फायदे

इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखे
शरीर में सोडियम की कमी कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। एक चुटकी सेंधा या समुद्री नमक चाय में मिलाकर पीने से यह संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

पाचन में सुधार
नमक, विशेषकर सेंधा नमक, पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और भोजन को पचाने में सहायक होता है। यह गैस, अपच और सूजन जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल
कम ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए नमकयुक्त चाय थोड़ी ऊर्जा देने का काम कर सकती है, लेकिन हाई बीपी वाले इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न आज़माएं।

चीनी का विकल्प
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं या शक्कर कम करना चाहते हैं, तो नमक वाली चाय एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है।

थकान में राहत
फिजिकल एक्टिविटी या अधिक पसीना आने के बाद नमक युक्त चाय शरीर को रिफ्रेश कर सकती है।

सावधानी जरूरी है

रोजाना नमक की अधिकता से ब्लड प्रेशर और किडनी पर असर पड़ सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग इस प्रयोग को करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

आयोडाइज्ड नमक के बजाय सेंधा या हिमालयन पिंक सॉल्ट का प्रयोग करना बेहतर रहेगा।

दिन में एक बार से ज्यादा नमक वाली चाय न पिएं।

विशेषज्ञ की राय

डायटिशियन कहती हैं:

“नमक को सीमित मात्रा में चाय में मिलाकर लेने से कुछ स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं, लेकिन इसे आदत बनाने से बचना चाहिए। खासकर जिन लोगों को हाई बीपी, किडनी की समस्या या नमक-संवेदनशीलता है, उन्हें इस तरह की चाय से दूर रहना चाहिए।”

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