ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तन में गांठ का महसूस होना महिलाओं के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि यह गांठ कैंसर का संकेत हो सकती है, लेकिन क्या यह हमेशा सच होता है? डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तन में गांठ होना कई बार सामान्य होता है और इसका कैंसर से कोई लेना-देना नहीं होता। आइए विस्तार से जानते हैं कब यह सामान्य है और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गांठ बनने के कारण
स्तन में गांठ बनना कई कारणों से हो सकता है, खासकर जब महिला बच्चे को दूध पिला रही होती है। इस दौरान स्तन के टिशू में दूध जमा हो जाता है या संक्रमण हो सकता है जिससे गांठ महसूस होती है।
दूध की नलियों में रुकावट (Milk Duct Blockage):
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अगर दूध की नलियों में कोई रुकावट आ जाती है तो वहां दूध जम सकता है, जिससे गांठ या सूजन हो जाती है। इसे ‘मिल्क प्लग’ भी कहते हैं। यह गांठ दर्दनाक हो सकती है लेकिन यह सामान्य समस्या है और उचित देखभाल से ठीक हो जाती है।
स्तनशोथ (Mastitis):
जब दूध की नलियां संक्रमित हो जाती हैं तो स्तनशोथ हो सकता है, जिससे सूजन, लालिमा और दर्द होता है। इसके कारण भी स्तन में गांठ जैसी महसूस होती है। इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है क्योंकि संक्रमण बढ़ सकता है।
फाइब्रोएडेनोमा और सिस्ट:
कुछ महिलाओं में ब्रेस्टफीडिंग के दौरान फाइब्रोएडेनोमा या सिस्ट (तरल से भरे थैले) भी बन सकते हैं, जो सामान्यतः कैंसरस नहीं होते लेकिन गांठ के रूप में महसूस होते हैं।
कब गांठ को गंभीर समझें?
यदि स्तन में गांठ के साथ निम्नलिखित लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
गांठ में बढ़ोतरी हो रही हो
गांठ सख्त या दर्दनाक हो
त्वचा पर लालिमा या धब्बे दिखें
स्तन से अनियमित रूप से किसी प्रकार का स्राव आना
ब्रेस्टफीडिंग के बाद भी गांठ बनी रहे और ठीक न हो
विशेषज्ञों की सलाह
एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और ब्रेस्टफीडिंग कंसल्टेंट कहती हैं, “ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तन में गांठ होना सामान्य है, खासकर जब दूध की नलियां ब्लॉक हो जाती हैं या संक्रमण हो जाता है। हालांकि, महिलाओं को चाहिए कि वे समय-समय पर अपने स्तनों की जांच करती रहें और किसी भी असामान्य लक्षण पर डॉक्टर से संपर्क करें।”
डॉ. आगे कहती हैं, “स्तन कैंसर की गांठ आमतौर पर बिना दर्द के होती है और इसके साथ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए, अगर किसी महिला को गांठ के साथ कोई अन्य लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।”
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान स्तन की देखभाल कैसे करें?
बच्चे को सही तरीके से स्तनपान कराएं ताकि दूध अच्छी तरह से निकले
नियमित रूप से स्तन की जांच करें
सूजन या दर्द होने पर गर्म सेक करें या हल्की मालिश करें
पर्याप्त पानी पिएं और पौष्टिक आहार लें
संक्रमण के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
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