चेहरे, हाथों या शरीर के अन्य हिस्सों पर दिखने वाले भूरे या गहरे रंग के धब्बे न सिर्फ आपकी खूबसूरती को प्रभावित करते हैं, बल्कि कई बार ये आपकी त्वचा की सेहत का भी संकेत होते हैं। इन धब्बों को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि यह एक त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है जिसे मेलास्मा या हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है।
मेलास्मा या हाइपरपिग्मेंटेशन क्या है?
मेलास्मा में त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग बाकी त्वचा से गहरा हो जाता है। ये धब्बे अक्सर चेहरे, गाल, माथे, नाक, ऊपरी होंठ, गर्दन, कंधे या हाथों पर दिखाई देते हैं। अधिकतर मामलों में यह सौम्य स्थिति होती है, लेकिन अगर धब्बों का रंग, आकार या टेक्सचर अचानक बदलने लगे, खुजली, सूजन या खून आने लगे तो डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।
धब्बे क्यों पड़ते हैं? – मुख्य कारण:
हार्मोनल बदलाव – प्रेग्नेंसी, हार्मोन दवाएं या गर्भनिरोधक गोलियों से हार्मोन संतुलन बिगड़ सकता है।
धूप का असर – सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें मेलेनिन का उत्पादन बढ़ा देती हैं, जिससे स्किन पर पिग्मेंटेशन बढ़ जाता है।
जेनेटिक फैक्टर – कई बार यह आनुवंशिक भी हो सकता है।
मेलास्मा के सामान्य लक्षण:
हल्के या गहरे भूरे रंग के धब्बे
चेहरे के दोनों ओर, खासकर गाल, नाक, माथे, ऊपरी होंठ, गर्दन या कंधों पर दिखाई देना
धब्बों का अनियमित आकार
आमतौर पर इनमें खुजली, जलन या दर्द नहीं होता
इन आसान उपायों से करें बचाव:
धूप से बचाव है ज़रूरी
बाहर निकलते समय सनस्क्रीन (SPF 30 या उससे अधिक) लगाएं
टोपी, स्कार्फ, छाता या UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे का इस्तेमाल करें
त्वचा की सही देखभाल
केमिकल युक्त फेस वॉश, स्किन प्रोडक्ट या मेकअप से बचें
हल्के और माइल्ड क्लींजर का प्रयोग करें
रोज़ मॉइश्चराइज़र लगाएं
घरेलू उपाय जो ला सकते हैं असरदार फर्क:
दूध + शहद पैक
– 10-15 मिनट तक धब्बों पर लगाएं, फिर धो लें। स्किन को नमी और चमक दोनों मिलती है।
खीरा + दही पैक
– चेहरे पर 30-40 मिनट तक लगाएं। यह स्किन को ठंडक और नमी देता है।
पपीता पेस्ट
– पपीते को मैश करके चेहरे पर लगाएं और सूखने पर धो लें। यह स्किन की मृत कोशिकाओं को हटाता है।
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