अगर आप कम लागत में एक स्थायी और मुनाफेदार बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो पोहा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट एक शानदार विकल्प हो सकता है। इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है और इसे शुरू करने के लिए न तो बड़े कारखाने की ज़रूरत है और न ही भारी पूंजी की। खास बात यह है कि सरकार इस बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता भी देती है।
देशभर में पसंद किया जाने वाला नाश्ता
पोहा भारत के कई हिस्सों में सुबह का सबसे पसंदीदा नाश्ता है। यह हल्का, स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है। गांव से लेकर शहर तक, हर जगह इसकी अच्छी खपत है। यही कारण है कि पोहा का बिजनेस लो रिस्क और हाई डिमांड वाला विकल्प बन चुका है।
कितना निवेश लगेगा?
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अनुसार, एक पोहा यूनिट शुरू करने में करीब ₹2.43 लाख की लागत आती है।
लेकिन इसमें से 90% तक का लोन ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सरकार देती है।
इसका मतलब है कि आपको केवल ₹25,000 की खुद की पूंजी से कारोबार शुरू करने का मौका मिल सकता है।
क्या चाहिए शुरुआत के लिए?
इस यूनिट को शुरू करने के लिए आपको लगभग 500 वर्ग फुट की जगह चाहिए।
इसके अलावा कुछ जरूरी मशीनें और उपकरण जैसे:
पोहा मशीन
भट्टी
पैकिंग मशीन
स्टील ड्रम
बेसिक टूल्स
शुरुआत में सीमित मात्रा में प्रोडक्शन करें और धीरे-धीरे स्केल बढ़ाएं।
लोन कैसे मिलेगा?
KVIC द्वारा तैयार प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर आप बैंक में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना (PMEGP) के तहत आपको 90% तक की फाइनेंशियल सहायता मिल सकती है।
इस योजना का उद्देश्य है कि ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उन्हें रोजगार के अवसर दिए जाएं।
कितना मुनाफा होगा?
KVIC की रिपोर्ट के मुताबिक:
मासिक खर्च: ₹8.60 लाख (रॉ मटेरियल + ऑपरेशन)
मासिक बिक्री: ₹10 लाख (लगभग 1000 क्विंटल पोहा)
शुद्ध मुनाफा: ₹1.4 लाख प्रति माह
जैसे-जैसे आपका ब्रांड और नेटवर्क बढ़ेगा, मुनाफा और भी अधिक हो सकता है।
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