वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि ब्रिक्स समावेशी बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि विशेषकर जब वैश्विक संस्थाएं वैधता और प्रतिनिधित्व के संकट का सामना कर रही हो, तब इसे सहयोग को सुदृढ़ बनाकर, विश्वनीय सुधारों का समर्थन और ग्लोबल साउथ की समस्याओं को आवाज देकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
रियो डी जेनेरियो में कल ब्रिक्स वित्तमंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गर्वनरों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने सशक्त घरेलू मांग, विवेकपूर्ण वृहद आर्थिक प्रबंधन और लक्षित राजकोषीय उपायों के तालमेल से अनुकूलता का प्रदर्शन किया। वित्तमंत्री ने कहा कि व्यापार और वित्तीय प्रतिबंधों को लेकर भारत की नीति ने प्रतिस्पर्धा और उत्पादकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बाजारों में विविधता उत्पन्न करने, बुनियादी ढांचा आधारित विकास को बढ़ावा देने और ढांचागत सुधारों को कार्यान्वित करने पर ध्यान केंद्रीत किया है।
रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव के साथ एक अलग बैठक में वित्त मंत्री ने द्विपक्षीय सहयोग विशेषकर वित्तीय क्षेत्र और न्यू डेवलपमेंट बैंक से संबंधी मामलों को लेकर चर्चा की। श्रीमती सीतारामन ने चीन के वित्त मंत्री लैन फोआन के साथ भी बैठक की। उन्होंने विश्व की दो सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में समावेशी वैश्विक विकास और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन अद्वितीय स्थिति में हैं।
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