आज के समय में कई महिलाएं अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों (Birth Control Pills) का सहारा लेती हैं। इनमें सबसे सामान्य विकल्प है Combined Oral Contraceptive Pills (COC), जिसे रोज़ाना मुंह के जरिए लिया जाता है।
लेकिन हाल ही में फिनलैंड के हेलसिंकी में आयोजित यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन के एक सम्मेलन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है —
👉 इन गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं में इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है।
📌 गोलियां कैसे बढ़ाती हैं स्ट्रोक का खतरा?
COC गोलियों में मौजूद एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टोजन नामक हार्मोन शरीर में प्रेग्नेंसी को रोकने का काम करते हैं।
लेकिन यही हार्मोन कभी-कभी शरीर में ब्लड क्लॉट (खून का थक्का बनने) की समस्या पैदा कर सकते हैं, जिससे दिमाग की नसों में खून का प्रवाह रुक जाता है और इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
⚠️ किन महिलाओं को है अधिक खतरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि निम्नलिखित महिलाएं अगर ये गोलियां लेती हैं, तो उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए:
जिन्हें माइग्रेन की समस्या है
हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित महिलाएं
जिनके शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की प्रवृत्ति हो
जिनके परिवार में स्ट्रोक का इतिहास रहा हो
धूम्रपान करने वाली महिलाएं — इनका रिस्क और भी ज़्यादा बढ़ जाता है
🩺 डॉक्टर की सलाह है बेहद ज़रूरी
दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हैं।
लेकिन डॉक्टरों का साफ कहना है:
“अगर आपके शरीर में पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।”
एस्ट्रोजेन युक्त पिल्स दिल और दिमाग दोनों पर असर डाल सकती हैं, इसलिए बिना जांच के इनका सेवन करना खतरे से खाली नहीं।
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