साल भर के इंतजार के बाद गर्मियों का सबसे प्रिय फल, आम, बाजार में आने लगा है। आम का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बड़े-बड़े मीठे शौकीन भी इसे देखकर खुद को रोक नहीं पाते। लेकिन डायबिटीज के मरीज अक्सर सोचते हैं कि क्या वे आम खा सकते हैं या नहीं, क्योंकि आम मीठा होता है और उन्हें डर रहता है कि इससे उनका शुगर लेवल बढ़ सकता है।
डायटिशियन और हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि डायबिटीज के मरीज भी आम का सेवन कर सकते हैं, मगर सीमित मात्रा में। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 51 होता है, जो कि एक्सेप्टेबल लेवल में आता है। यानी डायबिटिक मरीजों के लिए यह फल पूरी तरह से बंद नहीं है।
डायबिटीज में आम खाने के फायदे
आम में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करती है।
इसमें विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व होते हैं।
आम में मौजूद “मैंगीफेरेन” नामक कंपाउंड ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक होता है।
कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि आम का सेवन पोस्ट-प्रांडियल (खाना खाने के बाद) शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकता है।
डायबिटीज मरीज एक दिन में कितना आम खा सकते हैं?
डायबिटिक मरीजों को अपनी डाइट और कैलोरीज का खास ध्यान रखते हुए आम खाना चाहिए। आमतौर पर एक डायबिटिक मरीज 100 ग्राम आम (लगभग आधा कप) रोज खा सकता है। आम के साथ प्रोटीन युक्त भोजन लेना फायदेमंद रहता है, जैसे नट्स, पनीर या अंडे, ताकि ब्लड शुगर तेजी से न बढ़े।
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