हमारे शरीर में यूरिक एसिड एक सामान्य तत्व होता है जिसे किडनी फिल्टर कर पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो किडनी उसे सही से बाहर नहीं निकाल पाती। इससे यूरिक एसिड क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जमा होने लगती है, जिससे जोड़ों और घुटनों में दर्द, सूजन और एडिमा जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यूरिक एसिड बढ़ने की मुख्य वजह है प्यूरीन युक्त भोजन का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी। हमारी बिगड़ी हुई जीवनशैली इस समस्या को और बढ़ावा देती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो हार्ट, किडनी और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी हो सकता है। आइए जानते हैं यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं और इससे बचाव के क्या तरीके हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने पर हो सकने वाली बीमारियां:
गठिया (गाउट): यूरिक एसिड क्रिस्टल जोड़ों में जमा होकर तेज दर्द और सूजन का कारण बनते हैं, जिससे गठिया की समस्या होती है।
पथरी: यूरिक एसिड के क्रिस्टल किडनी में पथरी बनाते हैं, जो पेशाब की नली में रुकावट पैदा कर सकते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज़: यूरिक एसिड के बढ़ने से इंसुलिन पर असर पड़ता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है।
ब्लड प्रेशर: यूरिक एसिड के बढ़ने से ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है, जिससे दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है।
यूरिक एसिड को कम करने के आसान उपाय:
पानी ज्यादा पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखें ताकि यूरिक एसिड का जमाव न हो।
प्यूरीन युक्त भोजन से बचें: लाल मीट, समुद्री भोजन, मांसाहारी पदार्थ और बीयर से परहेज करें।
वजन नियंत्रित रखें: अधिक वजन यूरिक एसिड की समस्या को बढ़ाता है।
रोजाना व्यायाम करें: शारीरिक गतिविधि यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती है।
फलों और सब्ज़ियों को डाइट में शामिल करें: चेरी, बेरीज, खट्टे फल और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड कम करते हैं।
तनाव कम करें और नींद पूरी करें: तनाव बढ़ने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है, इसलिए रिलैक्सेशन और अच्छी नींद जरूरी है।
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