4 फिल्में और ढेरों अवॉर्ड्स: सोनाली बोस की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं

बॉलीवुड की दुनिया में जब भी दिग्गज डायरेक्टर्स की बात होती है, तो आमतौर पर मेल डायरेक्टर्स का ही ज़िक्र ज्यादा होता है—राज कपूर, बिमल रॉय, सत्यजीत रे और संजय लीला भंसाली जैसे नामों ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। लेकिन महिलाओं ने भी इस क्षेत्र में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उन्हीं में से एक हैं सोनाली बोस, जिन्होंने भले ही कम फिल्में बनाई हैं, लेकिन हर एक फिल्म ने दर्शकों और आलोचकों दोनों का दिल जीता है।

जन्म और शिक्षा
सोनाली बोस का जन्म 3 जून 1965 को कोलकाता में हुआ था। हालांकि, उन्होंने अपने शुरुआती दिन मुंबई और नई दिल्ली में बिताए। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बैचलर्स ऑफ आर्ट्स किया और फिर अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स की डिग्री ली।

20 साल में 4 फिल्में, पर हर फिल्म रही खास
सोनाली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 2005 में फिल्म ‘अमु’ से की थी, जिसमें कोंकणा सेन शर्मा मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म को न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी काफी सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’, ‘द स्काई इज़ पिंक’, और ‘मॉडर्न लव मुंबई’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। इसके अलावा, उन्होंने फिल्म ‘चिटगांव’ के संवाद भी लिखे।

अवॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त
सोनाली बोस को अपने करियर में कई प्रतिष्ठित नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड्स से नवाजा गया है।

‘अमु’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड (फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी) मिला।

इटली के Cine Donne Film Festival में बेस्ट जूरी अवॉर्ड और टीनएज चॉइस अवॉर्ड भी मिला।

‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’ को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में NETPAC अवॉर्ड मिला।

इसके अलावा तल्लीन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल (एस्टोनिया) में भी उन्हें सम्मान मिला।

‘द स्काई इज़ पिंक’ को भी इंटरनेशनल लेवल पर सराहा गया।

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