लीग क्रिकेट में एक मजबूत टीम तैयार करने के लिए सालों की मेहनत, पैसा और भरोसे की ज़रूरत होती है। खिलाड़ियों को चुनना, उन्हें ट्रेनिंग देना, उनके फॉर्म में न रहने पर भी उन पर विश्वास बनाए रखना – ये सब किसी फ्रेंचाइजी को खड़ा करने की नींव होते हैं। लेकिन जब दूसरी टीमें उन्हीं खिलाड़ियों को बड़े ऑफर्स देकर लुभाने लगें, तो उस मेहनत का क्या?
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की सबसे सफल फ्रेंचाइजी लाहौर कलंदर्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। टीम के मालिक समीन राणा ने हाल ही में इस मुद्दे पर खुलकर बात की और चौंकाने वाले खुलासे किए।
🧩 खिलाड़ियों को तोड़ने की साजिशें – कप्तान तक को दिया गया ब्लैंक चेक!
समीन राणा ने बताया कि PSL की दूसरी फ्रेंचाइज़ियाँ लगातार उनके खिलाड़ियों को तोड़ने की कोशिश कर रही थीं।
राशिद खान जब वर्ल्ड कप खेल रहे थे, तब एक टीम ने उनकी मां के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की। राशिद ने खुद कॉल कर यह जानकारी दी थी।
डेविड विजे को एक फ्रेंचाइजी ने प्लैटिनम कैटेगरी का ऑफर दिया, जबकि वह लाहौर के लिए गोल्ड कैटेगरी में खेलते हैं।
कप्तान शाहीन अफरीदी को तो हद पार करते हुए ब्लैंक चेक और तीन साल की कप्तानी का ऑफर दे दिया गया। लेकिन उन्होंने यह ठुकरा दिया।
हारिस रऊफ, जमान खान और अब्दुल्ला शफीक जैसे अहम खिलाड़ियों को भी अलग-अलग टीमों से भारी ऑफर्स मिले।
राणा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “ये खिलाड़ी हमारे सिस्टम से बने हैं। उन्हें तोड़ने की कोशिश लीग की आत्मा को नुकसान पहुंचाती है। इससे ब्राइबिंग कल्चर को बढ़ावा मिलेगा।”
🏆 PSL की सबसे कामयाब टीम बनी लाहौर कलंदर्स
इन तमाम मुश्किलों और साजिशों के बावजूद लाहौर कलंदर्स ने PSL 2025 में दमदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। उन्होंने क्वेटा ग्लेडिएटर्स को फाइनल में 6 विकेट से हराया।
लाहौर ने 202 रनों का विशाल लक्ष्य चेस कर T20 फाइनल का सबसे बड़ा रन चेस भी किया।
इसके साथ ही, तीन बार PSL जीतने वाली इकलौती टीम बनकर लाहौर ने इतिहास रच दिया।
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