अहमदाबाद के धोलका तहसील में गरीब और भोले-भाले किसानों के शोषण और किसानों को परेशान करने से सम्बंधित स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद पीड़ित किसान का वीडियो भी सामने आया है।
किसान का साफ़-साफ़ कहना है कि कमलेश खोजा, राजेश खोजा और दिलीप ठाकोर तीनों लोगों ने चीटिंग किया हैं। किसान ने इन लोगों के पास से जरुरत के लिए पचास लाख रुपए लिए थे। उसके बाद ब्याज पर ब्याज गिन कर दो करोड़ अस्सी लाख दे चूका है और इनलोगों ने ब्लैंक चेक साइन करा लिए हैं और धमका रहे हैं।
स्टिंग ऑपरेशन वीडियो में कमलेश स्वयं यह स्वीकार करता दिखाई देता है कि वह किसानों को ऊँचे ब्याज दरों — 5% से 6% प्रति माह — पर कर्ज देता है और फिर उनकी ज़मीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा लेता है।
किसान जब कर्ज चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो उन्हें मजबूर होकर ज़मीन बेचनी पड़ती है। लेकिन माफिया इसके लिए भी मोटी रकम वसूल करता है। इस तरह किसान न केवल आर्थिक रूप से बर्बाद होते हैं, बल्कि अपनी पुश्तैनी ज़मीन से भी हाथ धो बैठते हैं।
इस स्थिति की सबसे बड़ी वजह यह है कि इन किसानों को बैंक से कर्ज नहीं मिलता। मजबूरी में वे ऐसे अवैध स्रोतों से ऋण लेने को मजबूर हो जाते हैं, जो उन्हें धीरे-धीरे पूरी तरह बर्बाद कर देते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता तंजीम मेरानी इस स्टिंग ऑपरेशन वाले वीडियो को जारी करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत सरकार के कृषि मंत्री से ऐसे मामलों की जाँच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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