मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादास्पद और सांप्रदायिक बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश हाईकोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डिवीजन बेंच ने दिया।
कोर्ट ने कहा कि अगर बुधवार शाम तक FIR दर्ज नहीं की गई, तो गुरुवार को सुनवाई के दौरान DGP के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही पर विचार किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि मंत्री का बयान भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालता है और यह भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं — धारा 152, 192, 196(1)(B) व 197(1)(C) — के तहत दंडनीय अपराध बनता है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “इस्लाम धर्म को मानने वाली महिला अधिकारी को आतंकवादियों की बहन बताना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने वाला बयान है, जो कानून की दृष्टि में गंभीर अपराध है।”
डीआईजी निमेष अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल उन्हें अदालत का आदेश नहीं मिला है, लेकिन आदेश मिलते ही FIR दर्ज की जाएगी।
क्या कहा था मंत्री विजय शाह ने?
रविवार को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने कहा था:
“उन्होंने कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा… देश की बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर लिया जा सकता है…”
यह बयान मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद इस पर देशभर में विवाद गहराया।
अगली सुनवाई 15 मई को, शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया मामला
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह मामला 15 मई 2025 को शीर्ष प्राथमिकता में सुना जाएगा और तब तक FIR दर्ज करके प्रारंभिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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