रिटायरमेंट के बाद “अच्छे दिन” का सपना देखने वाले लोगों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक शानदार निवेश विकल्प है। आप सिर्फ 500 रुपये से इस अकाउंट की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि अधिकतम निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है। इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
PPF का बड़ा फायदा – टैक्स फ्री इनकम!
✅ कम से कम 500 रुपये सालाना जमा करना जरूरी
✅ 15 साल की लॉक-इन अवधि, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है
✅ 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट
✅ ब्याज और मैच्योरिटी पर कोई टैक्स नहीं लगता
✅ हर साल 7 लाख रुपये से अधिक टैक्स-फ्री इनकम पाने का मौका
अब सवाल यह है कि PPF से हर साल 7 लाख रुपये से ज्यादा की टैक्स-फ्री इनकम कैसे पाई जा सकती है? आइए जानते हैं इसका पूरा गणित।
PPF निवेश का पूरा कैलकुलेशन
💰 पहले 15 साल में
अगर आप हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करते हैं और इसे 15 साल तक जारी रखते हैं, तो:
🔹 कुल निवेश – ₹22,50,000
🔹 अनुमानित ब्याज – ₹18,18,209
🔹 कुल फंड – ₹40,68,209
💰 20 साल में
अगर आप PPF को 5 साल और बढ़ाते हैं, तो:
🔹 कुल निवेश – ₹30,00,000
🔹 अनुमानित ब्याज – ₹36,58,288
🔹 कुल फंड – ₹66,58,288
💰 24 साल में (5 साल का एक और एक्सटेंशन)
🔹 कुल निवेश – ₹36,00,000
🔹 अनुमानित ब्याज – ₹58,74,664
🔹 कुल फंड – ₹94,74,664
हर साल 7 लाख रुपये की टैक्स-फ्री इनकम ऐसे मिलेगी!
15 साल की मैच्योरिटी के बाद, आप PPF खाते का हर साल एक्सटेंशन ले सकते हैं और ब्याज निकालना शुरू कर सकते हैं। 7.1% ब्याज दर के अनुसार,
📌 सालाना ब्याज – ₹7,89,555 (पूरी तरह टैक्स फ्री!)
यानि कोई टैक्स नहीं, सिर्फ कमाई ही कमाई!
निष्कर्ष
अगर आप लंबी अवधि तक PPF में निवेश करते हैं, तो यह न केवल टैक्स-फ्री रिटर्न देता है बल्कि आपको रिटायरमेंट के लिए शानदार फंड बनाने में भी मदद करता है। अगर आप नियमित रूप से निवेश करते हैं और मैच्योरिटी के बाद एक्सटेंशन लेते हैं, तो आप हर साल 7 लाख रुपये तक टैक्स-फ्री इनकम प्राप्त कर सकते हैं!
यह भी पढ़ें:
‘छावा’ तेलुगू में भी धमाल मचाने को तैयार, लेजिम डांस पर फिर उठा सवाल
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News