भारत में उदारीकरण के करीब 35 साल बाद, जो देश पहले कई चीजों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर था, अब वह एक्सपोर्ट की नई कहानी लिख रहा है। भारत अब न केवल एपल आईफोन बल्कि इलेक्ट्रिक कार, फ्रेंच फ्राइज जैसे उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जो कभी पूरी तरह से इंपोर्ट होते थे।
फ्रेंच फ्राइज: इंपोर्ट से एक्सपोर्ट तक
2000 के दशक में भारत हर साल 5000 टन फ्रेंच फ्राइज इंपोर्ट करता था। 2010-11 तक यह आंकड़ा बढ़कर 7800 टन हो गया था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने 1.35 लाख टन फ्रेंच फ्राइज का निर्यात किया है, जिससे देश को करीब 1500 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है।
आईफोन: 1 लाख करोड़ का एक्सपोर्ट
स्मार्टफोन सेक्टर में भी भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहले भारत में अधिकांश स्मार्टफोन इंपोर्ट होते थे, लेकिन अब देश में बने स्मार्टफोन का उपयोग होता है। एपल ने 2020 से भारत में आईफोन का निर्माण शुरू किया और 2024 में यहां से एक्सपोर्ट होने वाले आईफोन की वैल्यू करीब 12.8 अरब डॉलर हो गई। 2023 में यह आंकड़ा 9 अरब डॉलर था, यानी एक ही साल में आईफोन एक्सपोर्ट में भारत ने 42 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है।
ईवी और कारों का भी निर्यात
भारत सरकार की पीएलआई स्कीम का फायदा उठाते हुए मल्टीनेशनल कार कंपनी सिट्रोएन ने भारत में बनी ईवी कार का निर्यात शुरू किया। कंपनी ने अप्रैल 2024 में अपनी पहली भारत में बनी सिट्रोएन ई-सी3 ईवी कार का निर्यात किया। इस कार की कई देशों में डिमांड बढ़ी है।
भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की मारुति फ्रॉन्क्स भी अब जापानी बाजारों में छा रही है। कंपनी ने इसे भारत में बनाकर जापान में निर्यात करना शुरू किया है और अगस्त 2024 में 1600 यूनिट जापान भेजी गई हैं।
भारतीय कॉफी का बढ़ता निर्यात
भारत हमेशा अपनी चाय के निर्यात के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब भारत कॉफी के निर्यात में भी प्रमुख स्थान बना रहा है। 2023-24 में भारत का कॉफी एक्सपोर्ट डबल होकर 1.29 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2020-21 में यह आंकड़ा 71.9 करोड़ डॉलर था। भारत अब दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश बन चुका है।
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