अल्जीरिया की मुक्केबाज इमान खलीफ ने जेंडर विवाद के बीच यहां पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 66 किग्रा भार वर्ग में चीन यांग लियू को 5-0 से हरा कर स्वर्ण पदक जीत लिया। खलीफ ने ओलंपिक चैंपियन बनने के बाद अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा, यह पदक उनके लिए जो मेर विरोध कर रहे थे। खलीफ ने कहा, मैं भी औरों की तरह एक महिला हूं। गौरतलब है कि अल्जीरिया की यह मुक्केबाज जेंडर विवाद को लेकर चर्चाओं में रही। उन पर बायोलाॅजिकल मेल होने का आरोप भी लगाया गया। लेकिन सारी बाधाओं को पार करते हुए वह चैंपियन बनने में सफल रहीं।
मेरे खिलाफ अभियान चलाया गया
चैंपियन बनने के बाद अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने ने खलीफ को फोन पर बधाई दी। अल्जीरियाई मुक्केबाज ने कहा कि मेरे खिलाफ अभियान चलाया गया, मुझे नीचा दिखाया गया, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। 25 वर्षीय मुक्केबाज ने कहा, मैं इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पूरी तरह से योग्य हूं। मैं एक महिला के रूप में पैदा हुई हूं। मैंने एक महिला के रूप में जीवन जिया है। मैंने एक महिला के रूप में प्रतिस्पर्धा की है – इसमें कोई संदेह नहीं है।
वे मुझसे नफरत करते हैं
खलीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आइबीए) पर निशाना साधते हुए कहा, पता नहीं क्यों वे मुझसे नफरत करते हैं। वे सफलता के दुश्मन हैं। मैंने पेरिस में पदक जीत कर उन्हें एक संदेश दिया है। गौरतलब हैकि पिछले साल की विश्व चैंपियनशिप में जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्ट में फेल होने के बाद खलीफ को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओए) ने उन्हें पेरिस में खेलने की अनुमति दे दी थी।
प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजों ने किया था विरोध
इमान के खिलाफ अलग-अलग मैचों में हिस्सा लेने वाली अलग-अलग देशों की महिला मुक्केबाजों ने आवाज उठाई थी। राउंड 16 मैच में इटली की एंजेला कैरिनी ने कुछ ही सेकेंड में रिंग छोड़ दी थी। इसके बाद इमान ने अपने सभी मैच एकतरफा अंदाज में जीते।
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