आर्थिक मंदी और कमजोर पड़ती कारोबारी धारणा से जूझ रहे चीन ने इस साल पांच प्रतिशत की मामूली आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही पड़ोसी देश ने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंताओं के बीच 1.2 करोड़ नौकरियां पैदा करने का वादा भी किया है।
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने देश की रबर-स्टैम्प संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के उद्घाटन सत्र में पेश अपनी रिपोर्ट में उम्मीद जताई कि इस साल शहरी क्षेत्रों में 1.2 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। इस साल शहरी बेरोजगारी दर लगभग 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
करीब सप्ताह भर चलने वाले एनपीसी के वार्षिक सत्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा देश भर से 2,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि को मजबूत करने के लिए जरूरी पहलों पर विचार-विमर्श किया गया।
चीन ने 2024 के लिए एक सक्रिय राजकोषीय नीति और एक विवेकपूर्ण मौद्रिक नीति जारी रखने की बात कही, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले घाटे को तीन प्रतिशत पर रखा जाएगा।
ली ने अपनी 39 पेज की कार्य रिपोर्ट में कहा कि सरकारी घाटा 2023 के बजट आंकड़े से 180 अरब युआन (26 अरब अमेरिकी डॉलर) बढ़ जाएगा। पिछले साल चीन ने 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
– एजेंसी
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