निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव की शुक्रवार को घोषणा की जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सीट भी शामिल है।
कुमार के अलावा जिनका वर्तमान कार्यकाल छह मई को समाप्त हो रहा है उनमें सदन में प्रतिपक्ष की नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उनकी पार्टी के सहयोगी राम चंद्र पूर्वे शामिल हैं।
इन सीट पर चुनाव के लिए अधिसूचना चार मार्च को जारी की जाएगी और 11 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 14 मार्च है।
बिहार विधानसभा के सदस्य 21 मार्च को इन 11 सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन करेंगे और वोटों की गिनती 23 मार्च तक पूरी करनी होगी।
इनमें से तीन सीटें भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) के पास हैं जिसका प्रतिनिधित्व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान और सैयद शाहनवाज हुसैन और पूर्व राज्य मंत्री मंगल पांडेय कर रहे हैं।
कांग्रेस के पास केवल एक सीट है जिसका प्रतिनिधित्व प्रेम चंद्र मिश्रा करते हैं।
मुख्यमंत्री कुमार के अलावा पार्टी के अन्य नेता जिनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, उनमें संजय कुमार झा शामिल हैं। झा हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
इसके अलावा जद (यू) एमएलसी खालिद अनवर और रामेश्वर महतो का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। एक सीट पर मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन आसीन हैं।
हालांकि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के पास पर्याप्त संख्या में विधायक नहीं हैं, लेकिन सुमन के लिए सीट मांझी ने 2018 में राजद के साथ गठबंधन कर अर्जित की थी। मांझी दो साल बाद राजग में लौट आए थे।
– एजेंसी
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