सोलहवें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने कहा है कि भारत को 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए निर्यात पर ध्यान देने की जरूरत है।
पनगढ़िया ने कहा कि आयात-प्रतिस्थापन वाली औद्योगिक नीति को लेकर रुझान भारत के लिए कोई अनूठी बात नहीं है।
उन्होंने कहा, ”मैंने सिंगापुर, ताइवान, दक्षिण कोरिया, चीन और भारत जैसे सफल देशों को देखा है। ये उच्च वृद्धि वाले देशों के उदाहरण हैं।”
पनगढ़िया ने ‘फाउंडेशन फॉर इकनॉमिक डेवलपमेंट’ के साथ बातचीत में कहा, ”मेरा निष्कर्ष बहुत स्पष्ट है, जो देश खुले हैं, वे तेजी से विकसित हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत में औद्योगिक नीति और आयात प्रतिस्थापन के लिए बौद्धिक समर्थन मजबूत बना हुआ है।
पनगढ़िया ने बताया कि कैसे 2022 में वैश्विक निर्यात बाजार 32,000 अरब डॉलर का रहा जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग दस गुना है।
उन्होंने कहा कि चीन ने निर्यात के क्षेत्र में कुछ उत्पादों के मामले में बहुत बड़ा हिस्सा हासिल कर लिया जिससे देश को काफी बढ़ावा मिला।
पनगढ़िया ने कहा, ”यह तीन-चार दशक तक सालाना 10 प्रतिशत की दर से बढ़ी।”
– एजेंसी
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