नियोक्ताओं के एक तबके का मानना है कि कर्मचारियों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए पारंपरिक समय-आधारित पैमाने के बजाय सकारात्मक कामकाजी माहौल और पुरस्कार एवं मान्यता देना अधिक जरूरी है।
एक सर्वेक्षण में यह आकलन पेश किया गया है।
कार्यस्थल पर बिताए गए समय और ड्यूटी पर मौजूदगी जैसे आंकड़ों के आधार पर कर्मचारियों का पांरपरिक मूल्यांकन होता रहा है। लेकिन अब हर 10 में से सात नियोक्ता उत्पादकता के प्राथमिक संकेतक के रूप में गुणवत्तापूर्ण कार्य और लक्ष्य एवं परियोजना को पूरा करने की दर जैसे प्रमुख संकेतकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
नौकरी एवं पेशेवर नेटवर्किंग के मंच ‘अपना डॉट को’ के सर्वेक्षण में कहा गया है कि पारंपरिक समय-आधारित आकलन के मुकाबले गुणवत्तापूर्ण काम और लक्ष्य पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम कर्मचारी की उत्पादकता मूल्यांकन के नजरिये में बड़े बदलाव को दर्शाता है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, 77 प्रतिशत भर्तीकर्ताओं का मानना है कि कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सकारात्मक कामकाजी माहौल और पुरस्कार एवं मान्यता जरूरी है।
इसके अलावा 10 में से पांच नियोक्ताओं ने काम के घंटों के दौरान भटकाव को कम करने और काम पर ध्यान बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और विकास एवं नियमित रूप से जानकारी प्राप्त करने को प्राथमिकता दी है।
सर्वेक्षण में कार्यस्थल पर उत्पादकता मूल्यांकन के उभरते परिदृश्य का पता लगाने के लिए 5,000 से अधिक नियोक्ता शामिल थे।
‘अपना डॉट को’ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निर्मित पारीख ने कहा, ”आज के तेज रफ्तार वाले कामकाजी माहौल में प्रभावी कार्यस्थल संचार और सकारात्मक कामकाजी परिवेश उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए सर्वोपरि हैं।
उन्होंने कहा, ”हमारे सर्वेक्षण में उन नियोक्ताओं के परिप्रेक्ष्य में एक बुनियादी बदलाव देखा गया है। अब केवल समय पर पहुंचने और बीच-बीच में काम से ब्रेक और छुट्टियां लेने को प्रोत्साहित करने के बजाय नियोक्ता उच्च गुणवत्ता वाले काम पर ध्यान केंद्रित करके सकारात्मक और कुशल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की रणनीतियां अपना रहे हैं।”
– एजेंसी
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