केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। वित्त मंत्री ने बैठक में अर्थव्यवस्था की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य बड़े वित्तीय समूहों के कामकाज की निगरानी सहित अर्थव्यवस्था की व्यापक-विवेकपूर्ण निगरानी सुनिश्चित करना था।
वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास भी उपस्थित थे।
एफएसडीसी की बैठक में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख लोगों में वित्त सचिव, व्यय विभाग के सचिव, आर्थिक मामलों और राजस्व विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के सचिव, देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार तथा सेबी के अध्यक्ष शामिल थे। इसके अलावा पीएफआरडीए, आईएफएससीए, आईबीबीआई और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की स्थापना 2010 में हुई थी। यह वित्त मंत्रालय के तहत एक गैर-सांविधिक शीर्ष परिषद है। इसकी स्थापना का प्रस्ताव सबसे पहले वित्तीय क्षेत्र के सुधारों पर गठित रघुराम राजन समिति (2008) ने किया था।
– एजेंसी
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