केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में पहली बार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में करायी जाएगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह परीक्षा 10 फरवरी से सात मार्च तक आयोजित की जाएगी और देशभर के 128 शहरों के करीब 48 लाख अभ्यर्थी परीक्षा इसमें शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने एक जनवरी 2024 से सीएपीएफ में भर्ती के लिए कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में कराने का फैसला किया है।
इसमें कहा गया है कि यह ”ऐतिहासिक फैसला” केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्री की पहल पर लिया गया है।
हिंदी और अंग्रेजी के अलावा अब प्रश्न पत्र असमी, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, उड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी भाषाओं में भी तैयार किए जाएंगे।
कांस्टेबल परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (एसएसी) द्वारा आयोजित प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में से एक है जिसमें देशभर से लाखों युवा भाग लेते हैं।
गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग ने हिंदी तथा अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा कराने के लिए एक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अनुसार, एसएससी ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
इस फैसले के परिणामस्वरूप लाखों युवा अपनी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा देंगे और इससे उनके चयन की संभावनाएं बढ़ेगी।
बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार की इस पहल से देशभर के युवाओं को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में एसएससी द्वारा आयोजित कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा में अपनी मातृभाषा में भाग लेने और राष्ट्र की सेवा में करियर बनाने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा।
– एजेंसी
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