वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। निर्मला सीतारमण अपने शुरुआती भाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनवाई। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित बन जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार का फोकस ग्रामीण विकास पर है। निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार छठा बजट पेश करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए और सरकार गरीबों को सशक्त बना रही है। 4 करोड़ किसानों को फसल बीमा का फायदा मिला है। मुफ्त राशन से 80 करोड़ लोगों की खाने की चिंता खत्म हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई नेताओं ने अंतरिम बजट को आत्मनिर्भर और ऐतिहासिक बताया है। आइये जानते इस बजट को लेकर किसने क्या-क्या कहा।
देश के भविष्य के निर्माण का बजट : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिम बजट पर कहा कि आज का यह बजट अंतरिम बजट तो है ही लेकिन यह समावेशी और इनोवेटिव भी है। यह बजट विकसित भारत के चार स्तंभ- युवा, गरीब, महिला, किसान सभी को सशक्त करेगा। यह बजट देश के भविष्य के निर्माण का बजट है। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों के लिए हमने गांव और शहरों में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए हैं अब हमने 2 करोड़ और नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है। हमने 2 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था, अब इस लक्ष्य को बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया है।
विश्व गुरु बनने के लक्ष्य के प्रति गति के साथ बढ़ चुका है भारत : ज्योतिरादित्य
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंतरिम बजट पर कहा कि यह एक ऐतिहासिक बजट है जो पूर्ण रूप से परिलक्षित करता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित, आत्मनिर्भर, विश्व गुरु बनने के लक्ष्य के प्रति गति के साथ आगे बढ़ चुका है।
हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं : धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अंतरिम बजट की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि सबका विकास, सबका विश्वास और सबके लिए प्रयास के साथ आने वाले दिनों में जब हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं ऐसे में यह बजट उसके लिए एक प्रारंभिक प्रयास है।
परिवर्तन का एक उत्कृष्ट सारांश : राजीव चन्द्रशेखर
केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने अंतरिम बजट पर कहा कि यह बजट पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन का एक उत्कृष्ट सारांश है।
इस बजट में ‘विकसित भारत’ : गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इस बजट में ‘विकसित भारत’ के लिए स्थापित किए गए सभी चार स्तंभों- किसान, युवा, गरीब और महिलाएं शामिल थे। पीएम आवास योजना के तहत 2 करोड़ और मकान स्वीकृत करना, ‘लखपति दीदी’ स्वयं सहायता समूहों के लिए 3 करोड़ की संख्या तय करना, ऐसी कई योजनाएं बताती हैं कि एक तरफ जहां कल्याणकारी योजनाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे के विकास जैसी व्यय योजनाएं भी हैं।
हम सीढ़ी दर सीढ़ी आगे बढ़ रहे हैं : मीनाक्षी लेखी
केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अंतरिम बजट पर कहा कि यह अंतरिम बजट है। पिछले 10 सालों में हम सीढ़ी दर सीढ़ी आगे बढ़ रहे हैं चाहे वह युवा हों, या महिलाएं हों, या किसान, हर एक के लिए हमने काम किया है और वह इस बजट में परिलक्षित हो रहा है।
– एजेंसी
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