विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि एक बहुलवादी और लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत विविधता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने धर्म एवं आस्था की वजह से प्रताड़ित किए गए लोगों का स्वागत करता है।
सिंह ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया को पिछले साल सात अक्टूबर को इजराइल पर ”भीषण आतंकवादी हमले” के बाद शुरू हुए इजराइल-हमास संघर्ष के कारण लोगों को हो रही कठिनाइयों को नहीं भूलना चाहिए।
सिंह ने कहा, ”हम आतंकवाद, कट्टरवाद और हिंसा की बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हैं जो हमें प्रभावित कर रही हैं। भारत एक बहुलवादी लोकतंत्र है जो विविधता को लेकर प्रतिबद्ध है और नरसंहार के पीड़ितों की याद में इजराइल के साथ एकजुटता से खड़ा है।”
मंत्री ने विविधता और बहुलवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और बंधक रणनीति के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। गाजा में जारी संघर्ष पर उन्होंने रेखांकित किया, ”भारत ने हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिये संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है।”
भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने जारी संघर्ष को ”यहूदी लोगों के लिए नरसंहार (होलोकॉस्ट) की घटना के बाद सबसे खराब दिन” बताया।
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजी जर्मनी और इसके सहयोगियों के हाथों लाखों की संख्या में यहूदी मारे गए थे जिसे ‘होलोकॉस्ट’ के नाम से जाना जाता है।
गिलोन ने कहा, ”गाजा में अब भी 136 अपहृत लोग हैं जो अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं।”
इजराइली राजदूत ने गाजा में जारी संघर्ष पर भारत सरकार के रुख की सराहना की।
– एजेंसी
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