राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र में दिनों दिन बढती आत्मनिर्भरता देश की ताकत बन रही है और रक्षा उत्पादन एक लाख करोड रूपये को पार कर गया है
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को यहां दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन काे संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से जहां एक ओर देश में रक्षा उत्पादन बढ रहा है वहीं भारत की ताकत भी बढ रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि रक्षा उत्पादन एक लाख करोड़ रूपये के पार पहुंच गया है।” उन्होंने कहा, ‘‘भारत का डिफेंस प्रोडक्शन एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और युद्धपोत के देश में ही बनाये जाने से देशवासियों को गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज हर भारतीय, देश में बने एयक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत को देखकर, गर्व से भरा हुआ है। लड़ाकू विमान तेजस अब हमारी वायुसेना की ताकत बन रहे हैं। सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण भारत में होने जा रहा है। आधुनिक एयरक्राफ्ट इंजन भी भारत में बनाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार देश में रक्षा उत्पादन के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है और उसने रक्षा क्षेत्र के दरवाजे निजी क्षेत्र के लिए भी खोल दिये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेन्स कॉरिडोर का विकास हो रहा है। मेरी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की है। स्पेस सेक्टर को भी हमारी सरकार ने युवा स्टार्ट-अप्स के लिए खोल दिया है।”
– एजेंसी
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