बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच अब उथलपुथल के संकेत मिलने लगे है। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने शनिवार को साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए में जाने के बाद सरकार बनाना इतना आसान नहीं होगा। कांग्रेस नेता ने साफ संकेत दिए हैं कि सत्तारूढ़ महागठबंधन भी ऐसी परिस्थिति को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने शनिवार को कहा कि भाजपा जो चाहेगी वही बिहार में होगा, ऐसा नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अभी भी महागठबंधन के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अगर ऐसा होता भी है तो भाजपा के लिए इतना आसान नहीं है।
उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि राजद, कांग्रेस, वाम दल और जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के चार विधायकों को अगर जोड़ दिया जाए तो हम भी बहुमत के करीब हो जाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि राजद की नजर एनडीए में शामिल मांझी के विधायकों पर टिकी हुई है।
बिहार विधानसभा के गणित की बात करें तो 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। राजद के पास 79, भाजपा के पास 78, जदयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, सीपीआई (एमएल) के पास 12, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के पास चार, सीपीआई एम और सीपीआई के पास 2 -2 तथा एआईएमआईएम के पास एक और एक निर्दलीय विधायक है।
– एजेंसी
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