गणतंत्र दिवस समारोह की परेड के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टुकड़ी के हिस्से के रूप में शुक्रवार को चमकीली बहुरंगी काठी में ऊंटों ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया।
इस दृश्य ने सबका मन मोह लिया।
इस टुकड़ी का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह खींची ने किया। इंस्पेक्टर शैतान सिंह और दो सब-इंस्पेक्टर-रैंक अधिकारी भी उनके साथ थे।
दल में महिला ऊंट सवार थीं, जो उन क्षेत्रों में कौशल का प्रदर्शन कर रही थीं, जिन्हें केवल पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है।
‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंट राजस्थान के थार रेगिस्तान और कच्छ के रण के दुर्गम इलाके में सीमा सुरक्षा बल के जवानों के भरोसेमंद साथी माने जाते हैं।
ऊंट पर सवार सैनिक राजस्थान और गुजरात सीमा पर तस्करों और चरमपंथियों का सफलतापूर्वक मुकाबला करने में सहायक रहे हैं।
भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बीएसएफ ऊंट दल के प्रदर्शन को विदेशी प्रतिनिधियों ने भी सराहा था।
बीएसएफ के ऊंट पर सवार बैंड ने परेड के दौरान ”हम हैं सीमा सुरक्षा बल, बहादुरों का दल” की मधुर धुन बजाई। यह दुनिया में अपनी तरह का एकमात्र बैंड है।
इसने पहली बार 1990 में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था।
– एजेंसी
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