कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सूचना के अधिकार के तहत रेलवे विभाग की ओर से मिले जवाब का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशनों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरों वाले ‘सेल्फी बूथ’ स्थापित करना करदाताओं के पैसे की ”बर्बादी” है जबकि विपक्षी दल शासित राज्य मनरेगा निधि का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्राप्त उत्तर की एक प्रति साझा की, जिसमें मध्य रेलवे के तहत उन स्टेशनों को सूचीबद्ध किया गया है जहां अस्थायी और स्थायी सेल्फी बूथ स्थापित किए गए हैं।
इस आरटीआई उत्तर के अनुसार, श्रेणी ए के स्टेशनों के लिए अस्थायी ‘सेल्फी बूथ’ की स्वीकृत लागत 1.25 लाख रुपये है, जबकि श्रेणी सी स्टेशनों के लिए स्थायी ‘सेल्फी बूथ’ की स्थापना लागत 6.25 लाख रुपये है।
खरगे ने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार द्वारा आत्ममुग्ध प्रचार की कोई सीमा नहीं ! रेलवे स्टेशनों पर मोदी जी के 3डी सेल्फी पॉइंट स्थापित करना करदाताओं के पैसे की पूरी तरह से बर्बादी है।”
उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को मोदी जी के कट-आउट के साथ 822 ऐसे सेल्फी-प्वाइंट स्थापित करने का आदेश देकर बहादुर सैनिकों के बलिदान का राजनीतिक उपयोग किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ”मोदी सरकार ने राज्यों को सूखा और बाढ़ राहत के लिए राशि नहीं दी है। विपक्ष शासित राज्यों की मनरेगा निधि भी लंबित है। लेकिन इसमें इन सस्ते चुनावी स्टंटों पर उदारतापूर्वक सार्वजनिक धन खर्च करने का दुस्साहस है!”
– एजेंसी
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