भारतीय एयरलाइन उद्योग का चालू वित्त वर्ष में शुद्ध घाटा पिछले साल के 17,000-17,500 करोड़ रुपये से घटकर 3,000-5,000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा ने मंगलवार को यह अनुमान जताया।
इक्रा रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यात्रियों की संख्या में वृद्धि, बेहतर प्रतिफल और स्थिर लागत परिदृश्य ने भारतीय एयरलाइंस के लिए हालात को काफी हद तक अनुकूल बनाया है। इसके दम पर विमानन कंपनियों को अपना शुद्ध घाटा काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही इक्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 और अगले वित्त वर्ष में घरेलू हवाई यात्री यातायात आठ से 13 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में आए तीव्र सुधार के बाद चालू वित्त वर्ष में घरेलू हवाई यात्री यातायात 15-15.5 करोड़ तक पहुंच जाएगा। इसके पहले वित्त वर्ष 2019-20 में यह संख्या 14.12 करोड़ रही थी।
इक्रा के उपाध्यक्ष और कॉरपोरेटिंग रेटिंग प्रमुख सुप्रियो बनर्जी ने कहा कि विमानन उद्योग का शुद्ध घाटा वित्त वर्ष 2022-24 में घटकर 30-50 अरब रुपये हो जाएगा जो पिछले वित्त वर्ष में 17-17.5 अरब रुपये रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष में भी तेजी का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।
– एजेंसी
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