प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल वन विभाग कार्यालय पर छापेमारी की। इस मामले में कथित संलिप्तता के लिए मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को इस साल अक्टूबर में ईडी ने पहले ही गिरफ्तार किया है।
मल्लिक 2011 से 2021 तक राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री थे। ईडी का मानना है कि उसी दौरान कथित राशन वितरण घोटाला हुआ था। 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मल्लिक को वन मंत्री बनाया गया।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ताजा छापे राज्य वन विभाग में किसी अनियमितता के संबंध में हैं या राशन वितरण मामले के संबंध में।
सूत्रों ने बताया कि संभवतः राशन वितरण प्रणाली से जुड़ी कुछ फाइलें वन विभाग में रखी हैं।
ये भी संभावना है कि ताजा ईडी छापेमारी पश्चिम बंगाल के चिड़ियाघर निदेशालय में कथित निविदा अनियमितता के मामले में पिछले महीने केंद्रीय एजेंसी द्वारा प्रारंभिक जांच शुरू करने का नतीजा हो सकती है।
ईडी ने निदेशालय की उन परियोजनाओं की डीपीआर के बारे में भी पूछताछ शुरू कर दी है, जिनके लिए निविदाएं जारी की गई थीं। ऐसे आरोप हैं कि निदेशालय के लिए डीपीआर तैयार करने वाली आउटसोर्स एजेंसियों ने भी अलग-अलग पहचान के साथ निविदा प्रक्रिया में भाग लिया, जो प्रक्रिया में निर्दिष्ट मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन था।
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News