तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर चक्रवात से हुई तबाही के मद्देनजर छोटे एवं मध्यम व्यवसाय (एमएसएमई) द्वारा ऋणों के पुनर्भुगतान पर तीन महीने की रोक लगाने की मांग की है।
श्री स्टालिन ने सुश्री निर्मला को लिखे एक अर्ध-आधिकारिक पत्र में, एमएसएमई और छोटे व्यवसायों और फसल और अन्य ऋणों के लिए ऋण पुनर्भुगतान पर रोक लगाने का अनुरोध किया।
उन्होंने चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर और चेंगलपट्टू जिलों में हुए नुकसान का हवाला देते हुए इस मुद्दे को ध्यान में रखने और एक दिसंबर, 2023 से 29 फरवरी 2024 तक ऋण पुनर्भुगतान पर रोक लगाने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘मैं आपका ध्यान चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में चक्रवात मिचौंग से प्रभावित परिवारों को ऋण भुगतान पर रोक लगाने की तत्काल आवश्यकता की ओर आकर्षित करना चाहता हूं।’
उन्होंने कहा, तमिलनाडु के उपरोक्त चार जिलों में रहने वाले 37 लाख परिवारों को लगातार बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा है, जिससे उनकी आजीविका में काफी व्यवधान आया है और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा ‘हालांकि हम उनके दैनिक जीवन में सामान्य स्थिति बहाल करने में सक्षम हैं, लेकिन उनकी आजीविका पर प्रभाव अभी भी कई लोगों के लिए बना हुआ है। बाढ़ से प्रभावित छोटे व्यवसायी, व्यापारी और एमएसएमई इकाइयां अभी भी अपनी नियमित आर्थिक गतिविधियों में वापस नहीं लौटी हैं। इनमें से कई परिवार और व्यावसायिक संस्थाओं ने विभिन्न उद्देश्यों के लिए ऋण लिया है और इन कठिन परिस्थितियों में उनके लिए अपना बकाया चुकाना संभव नही होगा।’
श्री स्टालिन ने कहा कि इस संकट से बाहर आने तक पुनर्भुगतान कार्यक्रम में ढील देकर तत्काल ऋण भुगतान के बोझ को कम करने की तत्काल आवश्यकता है।
– एजेंसी
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